A Wednesday

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कॉमन मैन और अब इनफैक्ट, आप लोग मेरा ये काम पूरा करेंगे,आज अभी
कमिसनर:- सॉरी ,मै कुछ समझा नहीं . .
कॉमन मैन :- आपके घर में कॉकरोच आता है तो आप क्या करते है राठौर साहब , आप उसको पालते नहीं मरते है . ये चारो कॉकरोच मेरा घर गन्दा कर रहे थे , और आज मै आपने घर साफ़ करना चाहता हूँ I

कमिसनर:- तुम ,तुम हो कौन ??

कॉमन मैन :- मै वो हूँ जो आज बस और ट्रैन में चढ़ने से डरता है , मै वो हूँ जो काम पे जाता है तो उसकी बीवी को लगता है की जंग पर जा रहा है , पता नहीं लौटेगा या नहीं , हर दो घंटे बाद फ़ोन करती है की चाय पी की नहीं ?
खाना खाया की नहीं ?
दरअसल वो ये जानना चाहती है की मै जिन्दा हु या नहीं I
मै वो हु जो कभी बरसात में फास्ट है ,कभी
ब्लास्ट में . मै वो हु जो कभी किसी के हाथ में तस्बीर देखकर शक करता है I
और मै वो भी हूँ जो आजकल दाढ़ी बढ़ाने
और टोपी पहनने से घबराता है , बिज़नेस के लिए दुकान खरीदता है तो सोचता है की नाम क्या रखूं .. कंही दंगे में मेरा नाम देखकर मेरी दूकान ना जला दे I
झगड़ा किसी का भी हो बेवजह मरता मै ही हूँ ..
भीड़ तो देखि होगी ना आपने , भीड़ में से कोई एक शक्ल चुन लीजिये ,
मै वो हूँ I

I Am Just A Stupid Comman Man , Wanting To Clean His House.

कमिसनर: आज अचानक ये स्टुपिड कॉमन मैन कैसे जग गया , वो भी छे किलो RDX के साथ ..

कॉमन मैन :- क्यों , जग गया तो तकलीफ हो रही है ?? जिंदगी भर घुट – घुट के मरते रहना चाहिए था मुझे .. और ये अचानक नहीं हुआ है राठौर साहब , यु कहिये की टाइम नहीं मिला , रोजी – रोटी के चक्कर में ये काम जरा नेग्लेक्ट हो गया , लेकिन देर आये दुरस्त आये .. वो बाकी का एक कॉकरोच भी आज ही मरेगा ..

कमिसनर: लेकिन ये चार ही क्यों ?? और भी तो है ..
कॉमन मैन :- मैंने लाटरी निकाली इन चारो का नाम आया ..
कमिसनर: तुम ये कह रहे हो की , अगर हमने इस एक इब्राहिम को नहीं मारा , तो ना जाने कितने बेगुनाहो को तुम मार दोगे
कॉमन मैन :- अरे , वे लोग तो वैसे भी मरेंगे , राठौर साहब , आज नहीं तो कल और , इब्राहिम खान जैसे ही लोग मरेंगे उन्हें . पिछली बार ट्रैन में मारा इस बार कंही और मरेंगे , और तब तक मारते रहेंगे जब तक हम इन्हे जवाब देना नहीं सीखेंगे ..
कमिसनर: तुम हो क्या ??
कॉमन मैन :- मतलब ??
कमिसनर: हिन्दू हो मुस्लमान हो , क्या हो ??
कॉमन मैन :- मेरे मजहब का इससे कुछ लेना देना नहीं हे ..
कमिसनर: लेना देना हे ..
कॉमन मैन :- मेने कहा ना

I Am Just The Stupid Common Man
कमिसनर: स्टुपिड कॉमन मैन

कॉमन मैन :- राइट
कमिसनर: तुम्हे दर लग रहा है पकडे जाने का , मारे जाने का ..
कॉमन मैन :- शायद
कमिसनर: Be Specific, हां या ना . .
कॉमन मैन :- हां
कमिसनर: तो फिर ये डर याद रखना , और ये मत सोचना की तुम आम आदमी का झंडा दिखाकर बच जाओगे , तुम जो साबित कर रहे हो ना वो ..
कॉमन मैन :- मै साबित कुछ नहीं कर रहा हूँ , राठौर साहब मै सिर्फ आपको याद दिलाना चाहता हूँ की लोगो मै गुस्सा बहुत है उन्हें आज़माना बंद कजिये . We are Resiliant By Force Not By Choice. आपको बेबस करने में मुझे सिर्फ चार हफ्ते लगे . आपको क्या लगता है की जो लोग हमें मारते है वो हमसे ज्यादा इंटेलीजेंट है I अरे इंटरनेट पर बम टाइप करके
सर्च मारिये तीन सौ बावन साइट्स मिलेंगे , की बम कैसे बनाया जाता है , क्या – क्या इक्विपमेंट इस्तमाल होता , सारा इनफार्मेशन आसानी से एक्सेस होता है मुफ्त में I आप जानते है की कपडे धोने का साबुन तक एक पोटेंशियल बम होता है , मुझे लगता है के कॉमन मैन के लिए इससे ज्यादा useful प्रोडक्ट आज तक नहीं बना. गलती हमारी है हम लोग बहोत जल्दी Used to हो जाते है , एक ऐसा हादसा होता है तो चैनल बदल – बदल कर सारा माजरा देख लिया SMS किया फ़ोन किया , शुक्र मनाया की हम लोग बच गए और हम उस सिचुएशन से लड़ने की बजाय हम उसके साथ एडजस्ट करना शुरू कर देते है I पर हमारी भी मज़बूरी है ना , हमे घर चलना होता है साहब , इसलिए हम सरकार चुनते है की वो मुल्क चलाये . आप लोग , सरकार , पुलिस फाॅर्स , इंटेलिजेंस सक्षम है इस तरह के पेस्ट कण्ट्रोल के लिए , लेकिन आप लोग कर नहीं रहे है , सिर्फ शह दिए जा रहे है ..
Why Are You Not Nipping Them In The Bud ??

एक आदमी गुनहगार है या नहीं
इसको साबित करने मै आपको दस साल लग जाते हैं , आपको ये नहीं लगता है की ये आपकी क़ाबलियत पर सावल है , ये सारा नाटक बंद होना चाहिए , This Hole *** System Is Fraud. आप जैसे लोग इन कीड़ो का सफाया नहीं करेंगे तो हमें झाड़ू उठानी होगी , लेकिन क्या है उससे हमारी Civilized Society का बैलेंस बिगड़ जायेगा , लेकिन क्या करे , राठौर साहब मुझे यकीं है की जो ट्रैन ब्लास्ट हुए वो सिर्फ एक टेररिस्ट एक्टीवि नहीं थी , वो एक बहोत बड़ा सावल था , और वो सवाल ये था की भाई हम तो तुम्हे इसी तरह मरेंगे , तुम क्या कर लोगे ??
Yes, They asked UsThis Question On A Friday, Repited It On Tuseday And I Am Just Replaying On Wednesday.
कमिसनर: तुम्हारी ये होम मेड ऐड साल्ट टूथपेस्ट वाली फलसफा गलत है ये सही तरीका नहीं है I

Shah: हां जनता हूँ ..लेकिन आज मै तरीके के बारे में नहीं नतीजे के बारे में सोच रहा हूँ .
कमिसनर: तुम्हारा कोई जान – पहचान वाला मारा था इस ब्लास्ट में ??
कॉमन मैन :- क्यों . मुझे उस दिन का इंतज़ार करना चाहिए जब मेरा कोई अपना बेवजह इस तरह की जलील मौत मरे तब आपको मेरा ये कदम जायज मालूम होगा …….हां जानना ही नै तो सुनिए , मेरा अपना कोई था उस ट्रैन में ….बिस – इक्कीस साल का था .. नाम नहीं जनता हूँ मै उसका , रोज़ मिलता था फर्स्ट क्लास में ..फाटक पे लटके , मुस्कुरा के , हाथ हिला के हेलो कहता था , मै भी जवाब में उसको हेलो कहता था .. ऐसे बहोत सारे लोग थे एक – दूसरे को नाम से नहीं जानते थे पर सिर्फ हेलो से जानते थे .. हादसे से एक रोज़ पहले उसने मुस्कुरा के मुझे अपनी इंगेजमेंट रिंग दिखाई थी , He Was Very Happy.. अगले रोज़ मेरी ट्रैन मिस हो गयी मैं बच गया ,पर वो नहीं बचा .. उसके बाद में ट्रैन में गया तो मेरी जान – पहचान का कोई नहीं था सब नए चेहरे थे ..
कमिसनर: तो ये सब तुम उन चेहरों के लिए कर रहे हो ..
कॉमन मैन :- नहीं , नहीं , नहीं .. मै इतना भी इमोशनल या सेंटीमेंटल नहीं हूँ . I Always knew, What Loss Is ??
अपनों को मरते हुए देखा है मैंने .. लेकिन साहब ये अक्सेप्टबल नहीं है .. की कोई ……. बटन दबाकर ये फैसला करे की मुझे कब मरना है

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